Gopastami Hindu Massacre - गोपाषटमी हिंदू नरसंहार
हम मे से ज़्यादातर लोगोने अंग्रेज़ो के द्वारा किए गये जलियावाला हत्याकांड के बारे में ज़रूर सुना होगा. जिसमे ज़ालिम जनरल डायर ने पंजाब के जलियावाला बाग में इकट्ठा हुवे शांति से प्रदर्शन कर रहे भारतीयो पर अंधाधुंध गोलीबार करके 500 से 1000 लोगो की निर्मम हत्या कर दी. पर क्या आप को पता है की आज़ादी के करीब 20 साल बाद, कॉंग्रेस की इंदिरा गाँधी के शाशन में गौ-हत्या के विरुद्ध शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे 5000 हिंदू की बेरहेमी से हत्या कर दी थी? हा, इस हत्याकांड को कॉंग्रेस के बाकी के हत्याकांड जैसे की 1984 सिख-विरोधी हत्याकांड (जिसमे करीब 3000 सिक्खो की हत्या कर दी गयी थी, हज़ारो सीखो की घर-संपत्तिया जला दी गयी थी), की तरह ही इतिहास में कही दिखाया नही जाता. अगर यकीन नही आ रहा तो ये लिंक पे देख लीजिए:
http://www.hinduhumanrights.info/remembering-the-7th-nov-1966-gopastami-hindu-massacre-in-delhi/
https://news.google.com/newspapers?nid=0klj8wIChNAC&dat=19661108&printsec=frontpage&hl=en
https://hinduexistence.org/2016/11/07/remembering-the-50-years-of-largest-hindu-killing-by-indira-gandhi-in-goraksha-abhiyan-in-delhi/amp/?__twitter_impression=true
अभी गौर करनेवाली बात ये है की जिन लोगो के हाथ हज़ारो निर्दोष हिंदू और सिख खून से लथपथ पड़े है वो लोग आज अपने आप को सबसे बड़े हिंदू साबित करने की दौड़ में पड़े है, और जिन लोगो के कारण आज इनका हिंदू प्रेम जाग उठा है, उन्ही लोगो के विरुद्ध ये आज हिंदू को भड़काने में लगे पड़े है. याद कीजिए, २०१४ से पहले तक कॉंग्रेस के अलग अलग सदस्यो के हिंदू प्रति रवैये को: हिंदू आतंकवादी है, "इस देशको अलक़ायदा और पाकिस्तान-प्रेरित आतंकवाद से ज़्यादा ख़तरा हिंदू आतंकवाद से है", "जो लोग मंदिरो में जाते है वो इस लिए जाते है की लड़किया छेड सके", "मूज़े शर्म आती है अपने हिंदू पैदा होने पर - जवाहरलाल नेहरू", ये सब लोग आज अपनेआप को जनेउधारी हिंदू साबित करने मे लग गये है तो इनका कारण नरेंद्र मोदी की नीतिया है.
सोचो. ये अच्छे दिन नही है तो क्या है? हा, काफ़ी सारे वादे अभी भी पूरे करने बाकी है, काफ़ी सारी चीज़ो में चूक भी हुई है पर इसका अर्थ ये तो नही की जिन्होने देश को 70 सालो से लूटने के और हिंदू को दबाके रखने का काम किया है आज वही लोगो के इशारे पर नाचकर हम छोटे छोटे मुद्दो के लिए इस सरकार को ही गिराने मे लग जाए? कुछ तो सोचो.
http://www.hinduhumanrights.info/remembering-the-7th-nov-1966-gopastami-hindu-massacre-in-delhi/
https://news.google.com/newspapers?nid=0klj8wIChNAC&dat=19661108&printsec=frontpage&hl=en
https://hinduexistence.org/2016/11/07/remembering-the-50-years-of-largest-hindu-killing-by-indira-gandhi-in-goraksha-abhiyan-in-delhi/amp/?__twitter_impression=true
अभी गौर करनेवाली बात ये है की जिन लोगो के हाथ हज़ारो निर्दोष हिंदू और सिख खून से लथपथ पड़े है वो लोग आज अपने आप को सबसे बड़े हिंदू साबित करने की दौड़ में पड़े है, और जिन लोगो के कारण आज इनका हिंदू प्रेम जाग उठा है, उन्ही लोगो के विरुद्ध ये आज हिंदू को भड़काने में लगे पड़े है. याद कीजिए, २०१४ से पहले तक कॉंग्रेस के अलग अलग सदस्यो के हिंदू प्रति रवैये को: हिंदू आतंकवादी है, "इस देशको अलक़ायदा और पाकिस्तान-प्रेरित आतंकवाद से ज़्यादा ख़तरा हिंदू आतंकवाद से है", "जो लोग मंदिरो में जाते है वो इस लिए जाते है की लड़किया छेड सके", "मूज़े शर्म आती है अपने हिंदू पैदा होने पर - जवाहरलाल नेहरू", ये सब लोग आज अपनेआप को जनेउधारी हिंदू साबित करने मे लग गये है तो इनका कारण नरेंद्र मोदी की नीतिया है.
सोचो. ये अच्छे दिन नही है तो क्या है? हा, काफ़ी सारे वादे अभी भी पूरे करने बाकी है, काफ़ी सारी चीज़ो में चूक भी हुई है पर इसका अर्थ ये तो नही की जिन्होने देश को 70 सालो से लूटने के और हिंदू को दबाके रखने का काम किया है आज वही लोगो के इशारे पर नाचकर हम छोटे छोटे मुद्दो के लिए इस सरकार को ही गिराने मे लग जाए? कुछ तो सोचो.
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